गौतमबुद्धनगर, 19 फरवरी 2026
घरेलू हिंसा से संबंधित विधिक जानकारी एवं सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से कासना आंगनवाड़ी केंद्र पर एक मेगा कैम्प का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिलाओं को घरेलू हिंसा के विभिन्न स्वरूपों शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, आर्थिक एवं यौन शोषण के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में बताया गया कि भारत सरकार द्वारा लागू घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के अंतर्गत पीड़ित महिला को शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न से सुरक्षा का अधिकार, साझा घर में रहने का अधिकार (भले ही वह घर पति या ससुराल पक्ष के नाम हो), आर्थिक सहायता एवं भरण-पोषण प्राप्त करने का अधिकार, बच्चों की अभिरक्षा के संबंध में न्यायालय से आदेश प्राप्त करने का अधिकार तथा संरक्षण अधिकारी एवं न्यायालय के माध्यम से त्वरित सहायता प्राप्त करने का अधिकार प्रदान किया गया है।
शिविर में यह भी अवगत कराया गया कि पीड़ित महिला अपनी शिकायत निकटतम पुलिस थाने में, संरक्षण अधिकारी अथवा महिला हेल्पलाइन के माध्यम से, या सीधे न्यायालय में आवेदन देकर दर्ज करा सकती है। सहायता एवं मार्गदर्शन हेतु महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, राष्ट्रीय महिला आयोग, राज्य महिला आयोग एवं जिला प्रशासन से संपर्क किया जा सकता है। महिलाओं के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1091 एवं 181 की जानकारी भी साझा की गई।
सभी नागरिकों से अपील की गई कि घरेलू हिंसा की घटनाओं को छिपाने के बजाय तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि पीड़ित महिला को समय पर न्याय एवं सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मेगा शिविर में आशीष सक्सेना (डीसीपीएम, यूनिसेफ), सीडीपीओ संध्या सोनी, मुख्य सेविका माधुरी, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका तथा क्षेत्र की अनेक महिलाओं एवं आमजन ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाना एवं महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सशक्त बनाना रहा।
