मानवता और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएँ।
प्रयागराज/भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र,क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविन्दर सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ पिछले कई दिनों से विभिन्न विद्यालय में भ्रमणकर प्रधानाचार्य- अध्यापकओं से शिष्टाचार मुलाकात कर हाथ जोडकर निवेदन किया कि गर्मी की छुट्टियों में स्कूल लगभग 40 दिन बंद रहेंगे…ऐसे में एक छोटी सी लापरवाही किसी मासूम पक्षी की जान ले सकती है। सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्य,शिक्षक एवं स्टाफ से विनम्र निवेदन है कि स्कूल बंद करने से पहले प्रत्येक कक्षा, खिड़की और कमरे की अच्छी तरह जांच जरूर करें, ताकि कोई पक्षी अंदर बंद ना रह जाए।प्रकृति पर सिर्फ इंसानों का नहीं, हर जीव का समान अधिकार है।आइए इस गर्मी में “जियो और जीने दो” का संदेश अपनाएं। स्कूल बंद करने से पहले कमरों की जांच करें,पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था रखें बच्चों को भी प्रकृति संरक्षण का संदेश दें,एक छोटी सावधानी-कई मासूम जिंदगियां बचा सकती है।
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविन्दर सिंह ने कहा कि आह्वान करूंगा…प्लास्टिक का उपयोग बंद करें। नालों में पॉलीथिन, कपड़े और घर की गंदगी न फेंकें, बल्कि इसको स्वच्छ और सुंदर बनाने में योगदान दें।हम अपना योगदान देंगे, तो हमारा शहर स्वच्छ और सुंदर बना रहेगा, बीमारियों से बचा रहेगा, वर्तमान व भावी पीढ़ी सुरक्षित होगी समृद्धि के नए लक्ष्यों को प्राप्त करेगा।
श्रीमती अलका पाठक ने कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी विद्यालयों मे ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। विद्यालय बंद करने से पूर्व कृपया निम्न बातों का विशेष ध्यान रखें सभी कक्षाओं,कार्यालयों एवं शौचालयों को अच्छी तरह जाँच लें कि कोई बच्चा विद्यालय में सोया या छूट तो नहीं गया है।यह भी सुनिश्चित करें कि किसी कक्ष में कोई पक्षी,जानवर या अन्य जीव बंद न रह जाए।सभी विद्युत उपकरण,पंखे,लाइट आदि बंद कर दें।विद्यालय परिसर की स्वच्छता बनाए रखें।गर्मी को ध्यान में रखते हुए विद्यालय परिसर में पशु-पक्षियों के लिए पानी पीने की व्यवस्था अवश्य करें। किसी खुले स्थान पर मिट्टी या अन्य बर्तन में स्वच्छ पानी भरकर रखें, ताकि गर्मी में जीव-जंतु राहत पा सकें।
श्रीमती दलजीत कौर ने कहा कि आइए, इस अवकाश में हम मानवता और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएँ।सभी सुरक्षित एवं सुखद ग्रीष्मकालीन अवकाश बीते की शुभकामनाएँ।
शिष्टाचार विनम्र निवेदन करने वालों में कई महत्वपूर्ण सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
