लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर जौहर यूनिवर्सिटी का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि “भाजपा को शिक्षा में भी सांप्रदायिकता नज़र आती है. शिक्षा, शिक्षक, शिक्षार्थी और शिक्षा के बाद मिलने वाली नौकरी भी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं”.
अखिलेश यादव ने आगे सवाल उठाते हुए कहा “भाजपा अपने अनरजिस्टर्ड संगी-साथियों के अवैधानिक भवनों को कब गिराएगी? जब संगी-साथी ही अपंजीकृत हैं, तो उनके भवन, कार्यालय और संस्थान कैसे जायज़ होंगे? निंदनीय!”
इधर, रामपुर जिला प्रशासन ने जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को लेकर सख्त रुख अपनाया है. प्रशासन ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन की सभी आपत्तियों और दलीलों को खारिज करते हुए भवनों को स्वयं ध्वस्त करने का अल्टीमेटम दिया है. प्रशासन का कहना है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर जिला प्रशासन स्वयं विधिक कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण करेगा.
इस संबंध में रामपुर के जिलाधिकारी विनय कुमार द्विवेदी ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए बताया कि वर्ष 2024 से पहले जौहर यूनिवर्सिटी का परिसर ग्राम पंचायत क्षेत्र में आता था, उस दौरान केवल दो भवनों के नक्शे ग्राम पंचायत से स्वीकृत कराए गए थे, जबकि शेष 38 भवनों के लिए कोई स्वीकृत नक्शा उपलब्ध नहीं है.
जिलाधिकारी ने कहा कि बाद में यह क्षेत्र रामपुर विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आ गया. प्राधिकरण के नियमों के अनुसार पूर्व में हुए अवैध निर्माणों पर लंबित कार्रवाई करना आवश्यक है. इसी प्रावधान के तहत यूनिवर्सिटी प्रशासन को नोटिस जारी किया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि लोक निर्माण विभाग (PWD) और अग्निशमन विभाग की ओर से भी जौहर यूनिवर्सिटी प्रशासन को नोटिस जारी किए गए हैं.
गौरतलब है कि जौहर यूनिवर्सिटी समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री आज़म खान का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जाता है. वर्तमान में आज़म खान सीतापुर जेल में बंद हैं. इससे पहले भी जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में प्रशासनिक कार्रवाई हो चुकी है, जिसमें यूनिवर्सिटी के उर्दू गेट को ध्वस्त किया गया था.
वर्ष 2017 के बाद से जौहर यूनिवर्सिटी लगातार विभिन्न प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाइयों का सामना कर रही है. अब 38 भवनों पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर आज़म खान समर्थकों और समाजवादी पार्टी के नेताओं में नाराज़गी देखी जा रही है.
समाजवादी पार्टी इस कार्रवाई का लगातार विरोध कर रही है, जबकि पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर वीडियो साझा कर राज्य सरकार की नीति की कड़ी आलोचना की है.
