मुख्य अभियंता संजय जैन की कार्यशैली बनी चर्चा का विषय
नोएडा क्षेत्र में वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद बिजली व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। पहले जहां उपभोक्ताओं को अपने कार्यों के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब अधिकांश समस्याओं का समाधान एक ही व्यवस्था के तहत तेजी से किया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं का समय बचा है और विभागीय कार्यों में भी पारदर्शिता एवं गति आई है।
मुख्य अभियंता संजय जैन के नेतृत्व में बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। विभिन्न क्षेत्रों में नए विद्युत उपकेंद्र (बिजलीघर) स्वीकृत कराए गए, क्षमता बढ़ाने के लिए पुराने ट्रांसफार्मरों को बदलवाया गया तथा बढ़ते विद्युत भार को देखते हुए नई विद्युत लाइनों का विस्तार कराया गया। इन कार्यों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना रहा है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार मुख्य अभियंता संजय जैन लगातार अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधा संवाद बनाए रखते हैं तथा फील्ड स्तर की समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान देते हैं। इसी कारण कई लंबित कार्यों का समयबद्ध निस्तारण संभव हो सका है।
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद शिकायतों के निस्तारण में तेजी आई है और विभाग की कार्यप्रणाली पहले की अपेक्षा अधिक प्रभावी हुई है। विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मुख्य अभियंता की कार्यशैली, समन्वय क्षमता एवं जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हैं।
यदि यही गति और कार्यशैली भविष्य में भी जारी रहती है, तो नोएडा की बिजली व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा उपभोक्ताओं को बेहतर एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति का लाभ मिलता रहेगा।
