वित्त मंत्री ने पेश किया 53.47 लाख करोड़ का बजट, अकेले इस सेक्टर को दिए 32 लाख करोड़, ये रहा पूरा लेखा-जोखा

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026-27 के लिए 53.47 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया. यह 31 मार्च को समाप्त हुए चालू वित्त वर्ष 2025-26 की तुलना में 7.7 प्रतिशत अधिक है. संशोधित अनुमान के अनुसार, चालू वित्त वर्ष का बजट 49.64 लाख करोड़ रुपये है जो फरवरी, 2025 में अनुमानित 50.65 लाख करोड़ रुपये से कम है. वित्त वर्ष 2024-25 का बजट 46.52 लाख करोड़ रुपये का था. सरकार ने आगामी वित्त वर्ष में कुल व्यय 53.47 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है.

वित्त वर्ष 2026-27 में, गैर-ऋण प्राप्तियां और कुल व्यय क्रमशः 36.5 लाख करोड़ रुपये और 53.5 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। केंद्र सरकार की शुद्ध कर प्राप्तियां 28.7 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. सीतारमण ने कहा, “राजकोषीय घाटे के वित्तपोषण के लिए, दिनांकित प्रतिभूतियों से शुद्ध बाजार कर्ज 11.7 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। शेष वित्तपोषण लघु बचत एवं अन्य स्रोतों से आने की उम्मीद है। सकल बाजार उधार 17.2 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है.”

उन्होंने बताया कि सरकार चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.4 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करेगी जैसा कि 2025-26 के बजट में अनुमान लगाया गया था. वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में राजकोषीय घाटा (सकल घरेलू उत्पाद) जीडीपी का 4.3 प्रतिशत या 16.95 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. 2026-27 के राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए, दिनांकित प्रतिभूतियों से शुद्ध बाजार कर्ज लगभग 11.7 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है.

शेष वित्तपोषण लघु बचत एवं अन्य स्रोतों से आने की उम्मीद है। कुल बाजार उधार लगभग 17.2 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है. बजट दस्तावेजों के अनुसार, “वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी का अनुमान 393,00,393 करोड़ रुपये है जो एनएसओ (राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय) द्वारा जारी वित्त वर्ष 2025-26 के अग्रिम अनुमान 357,13,886 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत अधिक है.”

सीतारमण ने कहा कि सरकार सामाजिक आवश्यकताओं से समझौता किए बिना लगातार राजकोषीय प्रतिबद्धताओं को पूरा कर रही है. राजकोषीय प्रबंधन के स्वीकृत मानकों की ओर बढ़ने के लिए उन्होंने बजट 2025-26 में संकेत दिया था कि केंद्र सरकार 2030-31 तक ऋण-से-जीडीपी अनुपात को 50 (एक प्रतिशत ऊपर या नीचे) प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखेगी.

इस बीच, 2025-26 के लिए संशोधित अनुमान के अनुसार गैर-ऋण प्राप्तियां 34 लाख करोड़ रुपये आंकी गई हैं, जिसमें से केंद्र की शुद्ध कर प्राप्तियां 26.7 लाख करोड़ रुपये हैं. कुल व्यय का संशोधित अनुमान 49.6 लाख करोड़ रुपये है जिसमें से चालू वित्त वर्ष के दौरान पूंजीगत व्यय लगभग 11 लाख करोड़ रुपये है.

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