हमीरपुर। जिले के राठ डिपो परिसर में वर्षों से जलभराव और कीचड़ की समस्या से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बस अड्डे पर पेयजल, शौचालय और प्रतीक्षालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। जिससे रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को कठिनाई होती है।
परिवहन निगम ने राठ डिपो को पीपीपी माडल पर बस अड्डा बनाने का निर्णय लिया है। राजस्व विभाग की टीम ने जमीन की नापजोख कर शासन को भेजा था। जिसकी स्वीकृति मिल गई है जल्द बजट मिलने के बाद निर्माण कार्य की शुरूआत होगी।
परिवहन निगम ने सितंबर 2018 में राठ बस अड्डे को टर्मिनल बस अड्डा की सूची में शामिल किया था। योजना के तहत इसे वातानुकूलित आधुनिक बस अड्डे के रूप में विकसित किया जाना था। साथ ही कार्यशाला का निर्माण भी प्रस्तावित था।
हालांकि, बीते सात वर्षों में केवल वर्कशाप का ही निर्माण हो सका, जबकि बस अड्डे की मूल स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं हो पाया। वर्तमान में राठ डिपो में 106 बसों का बेड़ा संचालित है और प्रतिदिन लगभग 12 हजार से अधिक यात्री यहां से आवागमन करते हैं।
यात्रियों की बढ़ती संख्या और सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए परिवहन निगम ने अब बस अड्डे के निर्माण को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) माडल पर कराने की स्वीकृति दे दी है।
राजस्व टीम द्वारा बस अड्डा परिसर की जमीन की नापजोख की जा चुकी है। जल्द ही निर्माण का विस्तृत स्टीमेट तैयार किया जाएगा, जिसके बाद बजट जारी किया होगा।
राठ डिपो को पीपीपी माडल पर निर्माण होने से आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, पेयजल, पार्किंग और अन्य यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि राठ नगर को एक आधुनिक बस अड्डे की सौगात भी मिलेगी। मुख्यालय से स्टीमेट तैयार होकर कार्यदायी संस्था को बजट मिलने के बाद ही डिपो में कार्य प्रारंभ होगा।
– निखिल वर्मा, एआरएम राठ।
