जेवर एयरपोर्ट: भारत का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने की ओर

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जेवर एयरपोर्ट का बढ़ता महत्व
जेवर एयरपोर्ट भारत का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने जा रहा है। एयरपोर्ट के पहले चरण का संचालन बहुत जल्द शुरू होने वाला है, जिससे क्षेत्र में विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी। इसी प्रगति के बीच एक बड़ी घोषणा हुई है—एयरपोर्ट के पास शुरू होने वाली आवासीय भूखंड योजना के माध्यम से कम से कम 973 लोग नए साल में अपनी संपत्ति के मालिक बन सकेंगे।

यीडा की नई आवासीय भूखंड योजना
यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा जेवर एयरपोर्ट के पास आवासीय प्लॉट की एक नई योजना तैयार की गई है। इस योजना के अंतर्गत कुल 973 भूखंडों का आवंटन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। ये सभी प्लॉट घर निर्माण के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे लोग एयरपोर्ट के निकट अपनी आवासीय जरूरतों को पूरा कर सकेंगे।

सीईओ राकेश कुमार सिंह ने दी योजना को मंजूरी
यीडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और उत्तर प्रदेश के चर्चित IAS अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने इस योजना को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। उनके अनुसार, जेवर एयरपोर्ट से सटे सेक्टर-15C में 162 से 290 वर्गमीटर तक के प्लॉट उपलब्ध होंगे।
आवेदन प्रक्रिया भी सरल रखी गई है—

  • सामान्य श्रेणी के लिए प्लॉट कीमत का 10%

  • आरक्षित श्रेणी के लिए 5%
    राशि जमा कर पंजीकरण कराया जा सकता है।
    लॉटरी में चयनित आवेदकों को यीडा जल्द ही आवंटन पत्र जारी करेगा। चूंकि जमीन पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी है, इसलिए विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी की संभावना नहीं है।

सबसे अधिक प्लॉट 200 वर्गमीटर के
योजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार सबसे ज्यादा प्लॉट 162 व 200 वर्गमीटर के हैं। इन प्लॉट्स की कीमत 56.7 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक होगी।
आरक्षण व्यवस्था इस प्रकार है—

  • कुल प्लॉटों का 17.5% काश्तकार श्रेणी के लिए

  • 5% कार्यशील इकाई वाले आवंटियों के लिए
    इसके अतिरिक्त, सरकारी नीति के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के लिए आरक्षण लॉटरी के दौरान लागू किया जाएगा।

योजना से यीडा की आय में भी इजाफा
जेवर एयरपोर्ट के विकास ने क्षेत्र में आवासीय प्लॉट की मांग बेहद बढ़ा दी है। यही कारण है कि यीडा द्वारा लाई गई पिछली योजनाओं को भी जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है।

  • अप्रैल 2025 में सेक्टर-18 के पॉकेट 9B में बचे 276 भूखंडों वाली योजना में 54,000 आवेदन आए थे।

  • 2024 में सेक्टर-24A की 451 भूखंड योजना, और

  • 2023 में 1154 भूखंडों की योजना
    तीनों में ही उपलब्ध प्लॉट की संख्या से कई गुना अधिक आवेदन दर्ज किए गए थे।
    मांग को देखते हुए यीडा लगातार नई योजनाएं लाने की तैयारी में है, जिससे प्राधिकरण की आय भी तेजी से बढ़ रही है।

निष्कर्ष
जेवर एयरपोर्ट के पास आने वाली नई भूखंड योजना न केवल लोगों को एयरपोर्ट के पास घर बनाने का सुनहरा अवसर देगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास और यीडा की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि करेगी। यह योजना नए साल में बड़ी संख्या में लोगों को आवास का सपना पूरा करने का अवसर देने जा रही है।

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