लंदन: फ्रांस के मशहूर एफिल टॉवर को सोमवार को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया. एफिल टॉवर को बंद करने की वजह यहां के स्टाफ का विरोध-प्रदर्शन था. कर्मचारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि शनिवार को एक हिंदू धार्मिक ग्रुप BAPS(Bochasanwasi Akshar Purushottam Swaminarayan Sanstha) के दौरे के समय महिला कर्मचारी को ‘हटने’ के लिए कहा गया. इनकी जगह पुरुष कर्मचारी को खड़ा करने को कहा गया.
यूरोन्यूज ने सोमवार को बताया कि यह घटना शनिवार को BAPS (बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था) से जुड़े करीब 100 लोगों के दौरे के दौरान हुई. यूनियन की प्रतिनिधि डायने डेवॉइन ने फ्रेंच टीवी को बताया कि शनिवार को एक दौरे के दौरान ‘डेलीगेशन के गुजरने पर महिला वर्कर्स को उनकी जगह से हटा दिया गया था.’ रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि एफिल टॉवर के कर्मचारियों ने एक बयान में इसे ‘प्रोफेशनल निर्देश’ बताया है, जिसके कारण महिला कर्मचारियों को उनके लिंग के कारण किनारे कर दिया गया, उनकी जगह किसी और को रख लिया गया और उन्हें गायब कर दिया गया.
इस घटना को लेकर एफिल टॉवर के कर्मियों में बेहद नाराजगी है. वहीं, मामला बढ़ने पर फ्रांस के राजनेताओं ने भी इसकी आलोचना की है. वहीं, तूल पकड़ता देख पेरिस प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. टावर चलाने वाली कंपनी (SETE) ने माना है कि हिंदू डेलीगेशन ने ट्रिप को इस तरह से ऑर्गनाइज करने की मांग की थी ताकि ‘महिलाओं के साथ बातचीत’ कम हो, और कहा कि ‘इन शर्तों को नहीं मानना चाहिए था.’
इस बीच, पेरिस में BAPS हिंदू मंदिर ने एक बयान जारी कर ‘किसी भी तरह की तकलीफ या परेशानी’ के लिए माफी मांगी है. सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि हम बताई गई चिंताओं को समझते हैं और उन्हें बहुत गंभीरता से लेते हैं. हमारे डेलीगेशन को देखते हुए, यह विजिट एफिल टॉवर टीमों के साथ मिलकर, नॉर्मल खुलने के समय की शुरुआत में ऑर्गनाइज की गई थी, ताकि दूसरे विजिटर्स के लिए किसी भी तरह की परेशानी को जितना हो सके कम किया जा सके.
उन्होंने आगे लिखा कि हमारी जानकारी के मुताबिक, किसी भी समय किसी को भी एफिल टावर में जाने से मना नहीं किया गया था. फिर भी, हम उन सभी से दिल से माफी मांगते हैं जिन्हें इस स्थिति से दुख या परेशानी हुई हो. हम आपसी सम्मान और दूसरों की सेवा के के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं. हम उठाई गई चिंताओं का सम्मान करते हैं और उन्हें बहुत गंभीरता से लेते हैं. शनिवार को हुई इस घटना से स्टाफ में गुस्सा फैल गया है और सीनियर फ्रांसीसी नेताओं ने इसकी आलोचना की है.
पेरिस के मेयर इमैनुएल ग्रेगोइरे ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, कहा कि उन्हें ‘एफिल टॉवर के कर्मचारियों के बीच गुस्से के बारे में पता है और यह ‘मंजूर नहीं’ है कि ऐसी शर्तों पर सहमति दी गई. उन्होंने लिखा कि ये मेरे मूल्य नहीं हैं, न ही ये वो मूल्य हैं जिन्हें एफिल टावर को बनाए रखना चाहिए, जहां हर किसी को बिना किसी भेदभाव के, आजादी से घूमने और काम करने की आजादी होनी चाहिए, और कहा कि इस घटना की जांच शुरू की जाएगी.
