H-1B वीजा फीस 100000 डॉलर से अधिक करने का प्लान, भारतीयों पर पड़ेगा सीधा असर

Saiadmin

वॉशिंगटन: अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने एक बार फिर नए एच-1बी वीजा पर शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है. पिछले साल ट्रंप सरकार ने इसकी फीस में बढ़ोतरी कर इसे एक लाख डॉलर कर दिया था. अब इसे बढ़ाकर 103265 डॉलर करने का प्रस्ताव है.

होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट (DHS) की एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार अमेरिका ने सभी एच-1बी वीजा कैप-सब्जेक्ट याचिकाओं (उन याचिकाओं सहित जो एडवांस्ड डिग्री छूट के लिए योग्य हैं) के लिए 103,265 अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त फ़ीस का प्रस्ताव रखा है.

सोमवार (स्थानीय समय) को जारी विज्ञप्ति के अनुसार प्रस्तावित शुल्क आवेदन दाखिल करते समय देना होगा और यह अन्य सभी लागू शुल्कों या भुगतानों के अतिरिक्त होगा. होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट का अनुमान है कि एच-1बी वीजा कैप-अधीन 85,000 अनुमानित याचिकाओं के आधार पर इस शुल्क से सालाना लगभग 8.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर की आय होगी.

अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवाओं के प्रवक्ता जैक काहलर ने कहा, ‘एच-1बी वीजा के लिए प्रस्तावित फीस का मकसद उन कानूनी इमिग्रेशन प्रोग्राम्स की जांच-पड़ताल और उन्हें सपोर्ट करने में संघीय सरकार को होने वाले खर्च को वसूलना है, जिनका खर्च अन्यथा करदाताओं को उठाना पड़ता.’

होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने कहा कि इस राजस्व से संघीय सरकार को आव्रजन लाभों के निर्णय, धोखाधड़ी का पता लगाने और राष्ट्रीय सुरक्षा जांच, प्रणालियों के आधुनिकीकरण, अभिलेखों और शुल्क संग्रह कार्यों, आव्रजन अदालत संचालन, कांसुलर वीजा प्रसंस्करण, श्रम मानकों के प्रवर्तन और अंतर-एजेंसी समन्वय से संबंधित लागतों की वसूली में मदद मिलेगी.

जारी की गई जानकारी के अनुसार यह अतिरिक्त फीस उन एच-1बी वीजा याचिकाओं पर लागू नहीं होगी जो कैप (सीमा) के दायरे में नहीं आती हैं. इनमें कुछ नॉन-प्रॉफ़िट रिसर्च ऑर्गनाइजेशन, सरकारी रिसर्च ऑर्गनाइजेशन और उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा दायर याचिकाएं शामिल हैं.

‘द हिल’ की रिपोर्ट के अनुसार यह कदम जून में एक संघीय जज के उस फैसले के बाद उठाया गया है जिसमें ट्रंप प्रशासन द्वारा एच-1बी वीजा आवेदनों के लिए पहले प्रस्तावित 1,00,000 अमेरिकी डॉलर की फीस को रद्द कर दिया गया था.

अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज लियो सोरोकिन ने फ़ैसला सुनाया कि वीजा आवेदनों पर टैक्स लगाना गैर-कानूनी है. उन्होंने कहा कि इमिग्रेशन पॉलिसी और टैक्स तय करने का अधिकार कांग्रेस के पास है. पहले का प्रस्ताव यूनिवर्सिटी, हॉस्पिटल और रिसर्च संस्थानों पर लागू होता था, जिन पर होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट की नई प्रस्तावित फ़ीस का कोई असर नहीं पड़ेगा.

नए एच-1बी वीजा के लिए सालाना कानूनी सीमा 85,000 है. इसमें 65,000 रेगुलर-कैप वीजा और 20,000 ऐसे आवेदकों के लिए वीजा शामिल हैं, जिनके पास अमेरिका के किसी उच्च शिक्षा संस्थान से मास्टर डिग्री या उससे ऊंची डिग्री है. 65,000 रेगुलर-कैप वीजा में से 6,800 वीजा चिली और सिंगापुर के नागरिकों के लिए आरक्षित हैं.

एच-1बी वीजा अमेरिकी कंपनियों को खास और उच्च-कौशल वाले कामों के लिए विदेशी कर्मचारियों को काम पर रखने की सुविधा देते हैं और ये टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री के लिए खास तौर पर अहम हैं. ‘द हिल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित नियम के फेडरल रजिस्टर में पब्लिश होने के बाद कंपनियों और टेक कर्मचारियों को उस पर अपनी राय देने के लिए 30 दिन का समय मिलेगा. अधिकारियों का कहना है कि इसके मंगलवार (स्थानीय समय) को पब्लिश होने की उम्मीद है.

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