तेहरान: ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने मंगलवार को कहा कि तेहरान का अमेरिका के साथ बातचीत करने का कोई प्लान नहीं है. साथ ही कहा कि ओमान के साथ बातचीत ‘स्टेप बाय स्टेप’ चल रही है, लेकिन ईरान अमेरिका को बातचीत की शर्तें तय नहीं करने देगा.
स्टेट टीवी को दिए एक इंटरव्यू में जिसे अल जजीरा ने दिखाया गरीबाबादी ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका यह नहीं चुन सकता कि उसे कब लड़ाई करनी है या डिप्लोमेसी करनी है. गरीबाबादी ने कहा, ‘हमें अमेरिका को जब चाहे लड़ने और जब चाहे बातचीत की टेबल पर बैठने की आदत नहीं डालनी चाहिए.’ उन्होंने दावा किया कि यह वॉशिंगटन ही था जिसने लड़ाई खत्म करने की अपील करते हुए मैसेज भेजे थे.’
उन्होंने यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जवाब में कही, जिन्होंने कहा था कि अमेरिका ने ईरान पर अपने हालिया मिलिट्री हमले तब रोक दिए जब तेहरान ने हमसे बहुत प्यार से कहा, ‘प्लीज रुको, चलो मिलते हैं’ और चेतावनी दी कि अगर दोनों पक्ष नए सीजफायर एग्रीमेंट पर नहीं पहुंचते हैं तो हमले फिर से शुरू हो सकते हैं.
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने आगे दोहराया कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट के जरिए दूसरे दक्षिणी शिपिंग रूट को मान्यता देने से इनकार करता है, और कहा कि सभी माइन हटाने के ऑपरेशन सिर्फ तेहरान के पास होने चाहिए. सख्त रवैया और भी बढ़ा. प्रेस टीवी द्वारा हाईलाइट की गई बातों में गरीबाबादी ने बाहरी नेवी फ़ोर्स के प्रति आक्रामक रवैया अपनाया और चेतावनी दी कि जरूरी पानी के रास्ते में किसी भी विदेशी दखल का सीधा मिलिट्री जवाब दिया जाएगा.
यूरोपीय जहाजों पर हमले की चेतावनी दी
गरीबाबादी ने सरकारी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘कोई भी यूरोपियन नेवी का जहाज जो होर्मुज स्ट्रेट के पास आएगा, वह हमारे लिए एक सही टारगेट होगा.’ प्रेस टीवी के मुताबिक सीनियर डिप्लोमैट ने यह बात उन खबरों के बीच कही, जिनमें कहा गया था कि कुछ यूरोपियन देश होर्मुज को फिर से खोलने की अमेरिका की बेताब कोशिशों में शामिल होने का फैसला कर सकते हैं.
यह अमेरिका-इजरायल के हमले की वजह से करीब पांच महीने बाद ईरान के कंट्रोल में आया. गरीबाबादी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ईरान की पक्की पॉलिसी है कि होर्मुज स्ट्रेट कभी भी युद्ध से पहले वाली हालत में वापस नहीं आएगा. उन्होंने कहा कि तेहरान ने अहम ट्रांजिट कॉरिडोर पर कंट्रोल हासिल करके ‘एक नई डिफेंसिव कैपेबिलिटी खोजी है.’
उन्होंने कहा, ‘अगर होर्मुज स्ट्रेट युद्ध से पहले वाली स्थिति में वापस आ जाता है, तो युद्ध में हमारी सफलता पूरी नहीं होगी.’ ओमान के पास एक दक्षिणी कॉरिडोर से गुजरने वाले जहाजों को रोकने के लिए पहले की गई कार्रवाइयों का बचाव करते हुए उन्होंने कहा, ‘ईरान किसी भी (विरोधी) कार्रवाई को लेकर चिंतित नहीं है, युद्ध के फिर से शुरू होने को लेकर भी नहीं, क्योंकि वह स्ट्रेट पर अपनी संप्रभुता को मजबूत करना चाहता है.
दुनिया को बता दें कि ईरान ने अपने बचाव के तरीकों को अपग्रेड किया है.’ इस बात पर जोर देते हुए कि कॉरिडोर राष्ट्रीय रक्षा का एक जरूरी हिस्सा है, गरीबाबादी ने यह नतीजा निकाला कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह समझना चाहिए कि ईरान किसी भी हालत में इन क्षमताओं को नहीं छोड़ सकता.’
बढ़ते क्षेत्रीय विरोध के बीच अमेरिका सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने समुद्री व्यापार रास्तों को सुरक्षित करने के लिए अपने चल रहे मिलिट्री ऑपरेशन के पैमाने पर जोर दिया. सेंटकॉम के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में 20 से ज़्यादा अमेरिकी नेवी के जंगी जहाज मिलिट्री मिशन में मदद कर रहे हैं. इसमें ईरान के खिलाफ अमेरिका की स्टील वॉल नाकाबंदी को सख्ती से लागू करना भी शामिल है.
सेंटकॉम ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ’28 जुलाई तक सेंटकॉम ने 18 कमर्शियल जहाज़ों को दूसरी तरफ मोड़ दिया, 2 को निष्किय कर दिया और 2 पर कब्जा कर लिया ताकि पूरा पालन हो सके.’
