वेस्ट एशिया संकट से लेदर-फुटवियर इंडस्ट्री पर डबल मार! कच्चा माल 60% तक महंगा, सरकार से ड्यूटी छूट की मांग

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नई दिल्लीः चमड़ा और फुटवियर (जूता) उद्योग ने सिंथेटिक चमड़े, धातु के सामान, मशीनरी, धागे, मोल्ड और कुछ रसायनों जैसे महत्वपूर्ण इनपुट (कच्चे माल) पर सीमा शुल्क में छूट मांगी है. एक अधिकारी के अनुसार, मौजूदा पश्चिम एशिया संकट के कारण इन इनपुट की लागत में 60 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है. चमड़ा और फुटवियर उद्योग ने हाल ही में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के समक्ष यह मामला उठाया है.

उद्योग के एक अधिकारी ने बताया कि निर्यातकों ने सरकार को प्रस्तावित ‘फ्लोट’ (FLOAT – फुटवियर एंड लेदर ओरिएंटेड ट्रांसफॉर्मेशन) योजना को जल्द लागू करने का सुझाव दिया है. इस योजना के दायरे में उत्पादों की पूरी श्रृंखला, कच्चा माल, मशीनरी और अन्य इनपुट शामिल होने चाहिए. उन्होंने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए ‘क्रस्ट’ और तैयार चमड़े के शुल्क मुक्त आयात की भी मांग की है.

एक अधिकारी ने कहा, “पश्चिम एशिया संकट के कारण उद्योग कच्चे माल और इनपुट की बढ़ती कीमतों का सामना कर रहा है, जिनमें 40-60 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है. इसे देखते हुए, हमने सरकार से सिंथेटिक लेदर (PU-कोडेड फैब्रिक), जूतों के पुर्जे, धातु के सामान, चमड़ा और फुटवियर मशीनरी, धागे, सांचे (moulds), टो पफ, आईलेट्स, कुछ लेदर केमिकल और पैकेजिंग सामग्री जैसे महत्वपूर्ण इनपुट पर आयात शुल्क में छूट देने का आग्रह किया है.”

कुछ रबर रसायन, पीयू लेदर, गोंद, प्लास्टिक और जूतों के सोल पेट्रोलियम उत्पादों से प्राप्त होते हैं. ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने के कारण पश्चिम एशिया संकट ने तेल और गैस जहाजों की आवाजाही को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर इन सामानों की कीमतों पर पड़ा है.

घरेलू उद्योग द्वारा कुछ अन्य इनपुट चीन, कोरिया, इंडोनेशिया और जापान जैसे देशों से आयात किए जाते हैं. इस क्षेत्र में देश का आयात साल-दर-साल 4.49 प्रतिशत गिरकर 938 मिलियन अमेरिकी डॉलर रह गया है.

वर्ष 2025-26 में देश का चमड़ा और चमड़ा उत्पादों का निर्यात साल-दर-साल 2.36 प्रतिशत घटकर 4.26 बिलियन डॉलर रहा. हालांकि, उद्योग के अनुसार, गैर-चमड़ा वस्तुओं के निर्यात (जिनका डेटा अभी आना बाकी है) के साथ कुल निर्यात 5.6 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है.

इस क्षेत्र से होने वाले कुल निर्यात में तैयार चमड़ा, चमड़े के जूते, फुटवियर घटक, चमड़े के कपड़े, चमड़े का सामान, जीन और साज-सामान, गैर-चमड़े के जूते, गैर-चमड़े का सामान और फर उत्पाद शामिल हैं. यह निर्यात 2024-25 में 5.57 बिलियन डॉलर रहा, जबकि 2023-24 में यह 5.38 बिलियन डॉलर और 2022-23 में 6 बिलियन डॉलर था.

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