लखनऊ: काकोरी ट्रेन एक्शन की ऐतिहासिक वर्षगांठ 9 अगस्त 1925 के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में देशभक्ति का अभूतपूर्व ज्वार देखने को मिला. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री आवास से विधानसभा तक भव्य ‘तिरंगा यात्रा’ की शुरुआत की. इस दौरान दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ-साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे. काकोरी शहीद स्मारक स्थल पर आयोजित मुख्य समारोह में भारतेंदु नाट्य अकादमी के कलाकारों ने काकोरी ट्रेन एक्शन की ऐतिहासिक घटना का जीवंत नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया.
योगी के संबोधन की 5 बड़ी और तीखी बातें
1. ब्रिटिशर्स ने डकैती कहा, स्वतंत्र भारत के शासकों ने भी अपमानित किया
सीएम योगी ने कांग्रेस पर हमला बोला. कहा-क्रांतिकारियों का एक ही उद्देश्य था- भारत की आजादी. ब्रिटिशर्स ने इस घटना को काकोरी डकैती कहा. दुर्भाग्य से स्वतंत्र भारत में जिन लोगों के हाथों में सत्ता आई, उन्होंने भी काकोरी डकैती कांड नाम देकर हमारे अमर शहीदों को अपमानित किया. चौरीचौरा और काकोरी जैसी घटनाओं को हमेशा कमतर आंका गया.
2. कांग्रेसी नेताओं ने की थी शर्मनाक पैरवी
मुख्यमंत्री ने इतिहास का जिक्र किया. कहा-चौरीचौरा घटना के समय कांग्रेस ने आंदोलन वापस लेकर मुंह मोड़ लिया था. महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी ने क्रांतिकारियों का मुकदमा लड़ा था, लेकिन क्रांतिकारियों को सजा दिलाने वाले कोई और नहीं, बल्कि लखनऊ के ही दो कांग्रेसी नेता थे, जिन्होंने अंग्रेजों के पक्ष में शर्मनाक पैरवी की.
3. 1947 के तुरंत बाद जो काम होना था, उसमें 75 साल क्यों लगे
योगी आदित्यनाथ ने कहा-1947 में आजादी मिलते ही राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष और राष्ट्रीय प्रतीकों को जो सम्मान मिलना चाहिए था, उसमें 75 साल लग गए. कुछ लोगों के लिए सत्ता सबसे ऊपर थी, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए राष्ट्र प्रथम सर्वोपरि है. अब भारत में रहकर देश के प्रतीकों और महापुरुषों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
4.सोशल मीडिया बना भारत विरोधी ताकतों का नया हथियार
युवाओं को आगाह करते हुए सीएम योगी ने कहा-आज भारत को कमजोर करने के लिए जाति और क्षेत्र के नाम पर षड्यंत्र रचे जा रहे हैं. सोशल मीडिया इन भारत विरोधी ताकतों का नया माध्यम बन चुका है, जहां अफवाहें फैलाकर समाज को गुमराह करने का कुत्सित प्रयास हो रहा है.
5.युवाओं की प्रतिभा को सही मंच देना जरूरी
वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर सीएम ने कहा-जैसे काकोरी के युवाओं ने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी, वैसे ही आज का युवा ऊर्जावान और प्रतिभाशाली है. युवाओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ देश व समाज की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा.
कारगिल शहीद के भाई और अशफाक उल्ला खां के परपोते का सम्मान
काकोरी शहीद स्मारक पर आयोजित भव्य समारोह में सीएम योगी ने काकोरी ट्रेन एक्शन और देश के वीर शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया. कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देने वाले परमवीर चक्र विजेता शहीद कैप्टन मनोज पांडेय के बड़े भाई का सम्मान किया गया. अमर शहीद अशफाक उल्ला खां के परपोते आफाक उल्ला खां जो शाहजहांपुर से लखनऊ पहुंचे थे, को सीएम ने अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया. इसके अलावा काकोरी ट्रेन एक्शन के अन्य अमर नायकों के पोते-परपोतों को भी मंच पर सम्मानित किया गया.
