उत्तरकाशी। भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ने से खतरे की जद में आए हर्षिल गांव के जनप्रतिनिधि व ग्रामीण मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले पांच दिनों से नदी का जलस्तर बढ़ने के चलते वह रात को सो भी नहीं पा रहे हैं। उन्होंने डीएम से मुलाकात कर युद्धस्तर पर हर्षिल की सुरक्षा को पुख्ता इंतजाम करने की मांग की।
होटल-होमस्टे भी खतरे की जद में
हर्षिल की पूर्व प्रधान बसंती नेगी ने कहा कि पिछले वर्ष आई आपदा से ही वह परेशान हैं, लेकिन आपदा के नौ माह बाद भी हर्षिल की सुरक्षा को समय से कोई सुरक्षा इंतजाम समय से नहीं किए गए।
भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ने से हर्षिल में गढ़वाल मंडल विकास निगम के गेस्ट हाउस और हर्षिल कोतवाली भवन को खतरा बना हुआ है। सेब के बगीचों व होटल-होमस्टे भी खतरे की जद में हैं। हर्षिल को सुरक्षित नहीं किया गया तो उनकी आजीविका व आवास सब खतरे की जद में आ जाएंगे।
पूर्व प्रधान दिनेश रावत ने कहा कि अभी तो केवल ग्लेशियर के पिघलने से ही जलस्तर बढ़ रहा है। यदि वर्षा शुरू हुई तो हर्षिल में आपदा का खतरा तेजी से बढ़ेगा।
इस दौरान ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन देकर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम की मांग की। इस मौके पर अभिषेक रौतेला, सुचिता रौतेला, मधु राणा, रंजीता डोगरा, संतोषी राणा, सुनील राणा, आलोक नेगी आदि मौजूद रहे।
