देहरादून। विधानसभा चुनाव की आहट के साथ भाजपा ने संगठन व राष्ट्रवाद, दोनों मोर्चों पर अपनी चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी है।
अगस्त में पार्टी के कार्यक्रमों की पूरी श्रृंखला इसी रणनीति पर आधारित है, पार्टी 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, हर घर तिरंगा और तिरंगा यात्रा के जरिये राष्ट्रवाद का संदेश बूथ तक पहुंचाने की तैयारी में है। इसके बाद 16 और 18 अगस्त को सांसदों, विधायकों और संगठन पदाधिकारियों की बैठकों के जरिये विधानसभा क्षेत्रों की चुनावी नब्ज टटोली जाएगी।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुंदन सिंह परिहार ने बताया कि भाजपा 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के माध्यम से नई पीढ़ी को देश के विभाजन और उससे जुड़ी त्रासदी से अवगत कराएगी।
उधर 16 अगस्त को हल्द्वानी में कुमाऊं संभाग के मंडल व जिला अध्यक्षों के साथ बैठक होगी। इसी दिन अल्मोड़ा और नैनीताल लोकसभा क्षेत्रों के सांसदों व विधायकों के साथ विधानसभा क्षेत्रवार चुनावी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री धामी व प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में संगठन की सक्रियता से लेकर जनप्रतिनिधियों की क्षेत्र में पकड़ तक का फीडबैक लिया जाएगा।
जानेंगे विधायकों की जमीन पर कितनी पकड़
भाजपा अब केवल सरकार की उपलब्धियों के आंकड़े नहीं बताएगी, बल्कि विधानसभा स्तर पर उनकी पहुंच भी परखेगी। विधायकों से उनके क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं की पहुंच, जनता से संवाद, संगठन के साथ तालमेल और स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों की जानकारी ली जाएगी। यानी चुनाव से पहले पार्टी यह समझने की कोशिश करेगी कि किस विधानसभा में संगठन कितना सक्रिय है और जनप्रतिनिधि की जमीन पर पकड़ कितनी मजबूत है।
गढ़वाल के सांसदों-विधायकों के साथ होगा मंथन
18 अगस्त को प्रदेश कार्यालय में टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार लोकसभा क्षेत्रों के सांसदों व विधायकों के साथ विधानसभा क्षेत्रवार राजनीतिक स्थिति, संगठन की सक्रियता और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को केंद्र में रखा जाएगा। संगठनात्मक बैठकों के जरिये विधानसभा स्तर पर पार्टी अपनी ताकत और कमजोरियों का आकलन करेगी।
भाजपा के आगामी कार्यक्रमों का उद्देश्य राष्ट्रभाव को मजबूत कर युवाओं के बीच पहुंच बढ़ाना है। संगठन की बैठकों में विधानसभा स्तर पर तैयारियों की समीक्षा की जाएगी और जहां भी कमी होगी, उसे समय रहते दूर किया जाएगा। – महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
