गोरखपुर महोत्सव: CM योगी ने 6 विभूतियों को ‘गोरखपुर रत्न’ से नवाजा, बोले- मच्छर और माफिया एक दूसरे के पूरक

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गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम सिर्फ उत्तर प्रदेश में निहित संभावनाओं की ही बात नहीं करते, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति से संभावनाओं के अनुरूप परिणाम भी देते हैं। सरकार के करने की इच्छाशक्ति का ही परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश माफियामुक्त, दंगामुक्त होकर विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

सीएम योगी मंगलवार अपराह्न गोरखपुर महोत्सव के औपचारिक समापन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। रामगढ़ताल के सामने चंपा देवी पार्क में आयोजित गोरखपुर महोत्सव के मुख्य मंच से मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की इच्छाशक्ति से प्रदेश में व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। सरकार के प्रयासों से नौजवानों को रोजगार मिल रहा है। अन्नदाता किसानों के जीवन में व्यापक परिवर्तन हो रहा है।

उद्यमियों, व्यापारियों को भयमुक्त वातावरण में कारोबार को आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है। बहन-बेटियों को मुस्कुराते हुए स्कूल-बाजार जाने का माहौल मिल रहा है। आज यदि किसी ने बहन-बेटियों की राह में बाधा डालने का दुस्साहस किया तो अगले चौराहे पर यमराज उसका टिकट काटने को तैयार मिलेगा। यह तभी संभव हो रहा है जब सरकार में करने की दृढ़ इच्छाशक्ति है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीवन में सबसे बड़ी ताकत धैर्य और अनुशासन है। हमने कभी धैर्य नहीं खोया। उपेक्षा हुई तो संघर्ष का रास्ता अपनाया। इंसेफेलाइटिस की समस्या पर तत्कालीन सरकारों द्वारा की जा रही उपेक्षा का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि तब सड़कों पर आंदोलन किया और जब सरकार में आए तो पूरी जिम्मेदारी की भावना के साथ दो वर्षों में इंसेफेलाइटिस का खात्मा कर दिखाया।

विकास की नई बुलंदियों पर गोरखपुर और उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर और उत्तर प्रदेश विकास की नई बुलंदियों पर है। 2017 के पहले भी जब देश आगे बढ़ रहा था तो गोरखपुर पीछे छूट गया था। तुलना की जाए तो 2017 के पहले और इसके बाद के उत्तर प्रदेश और गोरखपुर में जमीन-आसमान का अंतर दिखेगा। 2017 तक प्रदेशभर की तरफ गोरखपुर भी उपद्रव, गुंडागर्दी की चपेट में था। गुंडा टैक्स वसूला जाता था। सड़कें जर्जर थीं, बिजली नहीं मिलती थी। गंदगी, बीमारी और इंसेफेलाइटिस का कहर था

मच्छर और माफिया एक दूसरे के पूरक

सीएम योगी ने कहा कि मच्छर और माफिया एक दूसरे के पूरक होते हैं। एक शरीर को अस्वस्थ करता है तो दूसरा समाज को। उन्होंने कहा कि जब समाज हर प्रकार की स्वच्छता शारीरिक और सामाजिक, के प्रति जागरूक नहीं होता है तो उसे दुष्परिणाम भुगतने पड़ते हैं।

गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कायाकल्प के अभियान का परिणाम धरातल पर

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के वर्तमान और पूर्व की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी गोरखपुर माफियाराज और गुंडाराज के लिए कुख्यात था। प्रदेश की भी यही स्थिति थी। हर दूसरे-तीसरे दिन प्रदेश में दंगा होता था। व्यपारी, बहन, बेटियां सुरक्षित नहीं था। व्यापारी गुंडा टैक्स देने को मजबूर थे। इंसेफेलाइटिस बीमारी चरम पर थी और नौनिहालों को इससे बचाने के लिए कोई पुरसाहाल नहीं था। नौजवान पलायन को मजबूर थे।

इसके साथ बदलाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार ने गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कायाकल्प के लिए जो अभियान शुरू किया, उसके परिणाम आज जमीनी धरातल पर नजर आ रहे हैं।

आठ साल बाद आने वाले गोरखपुर सहित यूपी के शहरों को नहीं पहचान पाएंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि आठ साल पहले आया व्यक्ति यदि आज गोरखपुर आएगा तो यहां विकास से आए बदलाव के चलते शहर को पहचान नहीं पाएगा। ऐसी ही स्थिति अयोध्या, काशी, प्रयागराज को लेकर होगी। आठ साल बाद लखनऊ आए एक व्यक्ति द्वारा बताए गए संस्मरण को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह व्यक्ति लखनऊ को पहचान ही नहीं पाए।

उन्होंने बताया कि आठ साल पहले जब वह लखनऊ आए थे तब बहुत गंदगी गंदगी थी, सड़कें संकरी थीं। और, उन्हें सूर्यास्त के बाद घर से न निकलने की सलाह दी गई थी। अब वह देर रात में भी भयमुक्त होकर निकल रहे हैं।

बदलाव की समृद्धि और खुशहाली का आधार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बदलाव ही समृद्धि और खुशहाली का आधार है। इसी मंत्र को अपनाते हुए आज जब भारत आगे बढ़ रहा है तो उसमें उत्तर प्रदेश और गोरखपुर भी पीछे नहीं है। आज बिना मांगे विकास की योजनाएं लोगों तक पहुंचती हैं।

उन्होंने कहा कि पहले कोई सोचता था कि गोरखपुर का खाद कारखाना चल पाएगा, गोरखपुर में एम्स बन पाएगा या बीआरडी मेडिकल कॉलेज फिर से चिकित्सा का बेहतरीन केंद्र बन सकेगा। पर, आज यह सारी बातें हकीकत हैं। कभी अपराध के लिए बदनाम रहा रामगढ़ताल आज पर्यटन का बेहतरीन केंद्र बन चुका है।

गोरखपुर में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर शानदार

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गोरखपुर में शानदार कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर है। यहां फोरलेन और सिक्सलेन सड़कों का संजाल है। 10 वर्ष पूर्व गोरखपुर से लखनऊ जाने में 8 से 10 घण्टे, अयोध्या और काशी जाने में 6 घण्टे लग जाते थे। आज शानदार रोड कनेक्टिविटी होने से गोरखपुर से लखनऊ की दूरी साढ़े तीन घण्टे में, काशी की दूरी ढाई घण्टे में और अयोध्या की दूरी डेढ़ घण्टे में पूरी हो जाती है।

2017 के पहले गोरखपुर से सिर्फ एक वायु सेवा थी वह भी कभी कभार ही मिलती थी। आज गोरखपुर से दिल्ली, मुंबई सहित कई प्रमुख शहरों के लिए हवाई सेवा है और दूरी एक से डेढ़ घण्टे में पूरी हो जाती है।

गोरखपुर में हजारों करोड़ रुपये के निवेश से 50 हजार युवाओं को मिली नौकरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा का बेहतर वातावरण बना तो पिछले 8 वर्षों में गोरखपुर में हजारों करोड़ों रुपये का निवेश हुआ और इसके जरिए 50 हजार युवाओं को नौकरी मिली। यदि यह निवेश नहीं होता तो इन युवाओं को पलायन करना पड़ता। जबकि आज उन्हें अपने क्षेत्र में ही नौकरी मिल गई है।

उन्होंने कहा कि पहले गोरखपुर में एक विश्वविद्यालय था, आज चार विश्वविद्यालय हैं। गोरखपुर में प्रदेश सरकार का होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट भी बन गया है। अटल आवासीय विद्यालय में गरीबों के बच्चों को मुफ्त अत्याधुनिक शिक्षा प्राप्त हो रही है।

उपलब्धियां विरासत के साथ विकास की यात्रा का शो-केस

सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर और प्रदेश की उपलब्धियां विरासत के साथ विकास की यात्रा का शो-केस हैं। इनकी शो-केसिंग के लिए गोरखपुर महोत्सव एक मंच के रूप में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन हताशा या निराशा का नाम नहीं है। उन्होंने कहा कि सामान्य नागरिक बेईमानी नहीं करता। वह अपने परिश्रम और पुरुषार्थ से आगे बढ़ता है। गोरखपुर महोत्सव का मंच ऐसे ही परिश्रमी और पुरुषार्थी लोगों को प्रोत्साहित करता है।

तकनीक मनुष्य के लिए, मनुष्य तकनीकी के लिए

सीएम योगी ने लोगों को आज के दौर में तकनीक की महत्ता समझाई और इसके उचित प्रयोग की सीख दी। उन्होंने कहा कि तकनीक मनुष्य के लिए है, मनुष्य तकनीक के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि तकनीक जीवन में व्यापक परिवर्तन ला सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के पहले राशन न मिलने की शिकायतें आती थीं।

राशन वितरण व्यवस्था को तकनीक से जोड़ दिया गया तो समस्या समाप्त हो गई। इसी तरह तकनीक से जनधन योजना को जोड़कर भ्रष्टाचारमुक्त वातावरण बनाया गया।

दुधमुंहे बच्चों को स्मार्टफोन देना अपराध सरीखा

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने लोगों को स्मार्टफोन के अत्यधिक और अनावश्यक प्रयोग से बचने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज अनेक घरों में बच्चों को भी स्मार्टफोन खेलने के लिए दे दिया जाता है। यह कृत्य अपराध सरीखा है। इससे बच्चे जिद्दी और डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं।

उन्होंने साइबर फ्रॉड से बचने के लिए आगाह करते हुए कहा कि किसी भी अनजाने पर विश्वास न करें। डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए शॉर्टकट के चक्कर में न पड़ें। स्मार्टफोन का जरूरत से अधिक और अनावश्यक इस्तेमाल न करें। जरूरत न होने पर स्मार्टफोन को बंद करके रखें।

अच्छी सड़कें सुगम यातायात के लिए, दूसरे लोक में जाने के लिए नहीं

मुख्यमंत्री ने वाहन चलाते वक्त स्मार्टफोन का प्रयोग करने से बचने के लिए भी सावधान किया। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं चुनौती बनी हुई है नौजवान इसकी चपेट में आ रहे हैं। परिवार के परिवार समाप्त हो जा रहे हैं। इसलिए वाहन चलाते वक्त स्मार्टफोन के प्रयोग से बचना होगा।

उन्होंने कहा कि अच्छी सड़ककें सुगम आवागमन के लिए बनी हैं, समय से पहले दूसरे लोक में जाने के लिए नहीं। सड़क फर्राटा भरने के लिए नहीं है बल्कि सावधानी से चलकर अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए है।

सीएम योगी ने दी मकर संक्रांति की बधाई

गोरखपुर महोत्सव के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नागरिकों को मकर संक्रांति की बधाई दी। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति के पावन अवसर पर महायोगी गुरु गोरखनाथ के मंदिर में गोरखपुर, पूर्वी उत्तर प्रदेश, नेपाल, बिहार और देश के अनेक हिस्सों से लाखों श्रद्धालु आते हैं। बाबा को आस्था की खिचड़ी चढ़ाते हैं। खिचड़ी से पहले आस्था को नमन करने के लिए गोरखपुर महोत्सव उत्साह और उल्लास का मंच प्रदान कर रहा है।

सीएम योगी के हाथों गोरखपुर रत्न से सम्मानित हुईं छह विभूतियां

गोरखपुर महोत्सव के मुख्य मंच से सीएम योगी ने खेल, विज्ञान, कृषि एवं सामाजिक कार्य में विशिष्ट योगदान देने वाली छह विभूतियों को गोरखपुर रत्न से सम्मानित किया। खेल के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी शिवम यादव, अंतरराष्ट्रीय हैंडबाल खिलाड़ी अनन्या यादव, अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही नीतिश सिंह, विज्ञान के क्षेत्र में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में जैव प्रौद्योगिकी विभाग के आचार्य प्रो. शरद मिश्रा, कृषि के क्षेत्र में प्रगतिशील किसान अविनाश कुमार मौर्या और सामाजिक कार्य के लिए आर्किटेक्ट आशीष श्रीवास्तव को गोरखपुर रत्न से सम्मानित किया गया।

इजिप्ट में प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के चलते शिवम यादव का पुरस्कार उनके पिता ने ग्रहण किया। मुख्यमंत्री ने इन सभी द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्य की मुक्तकंठ से सराहना की और उन्हें गोरखपुर का गौरव बढ़ाने वाला बताया। गोरखपुर रत्न से सम्मानित करने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर महोत्सव की स्मारिका ‘अभ्युदय’ का विमोचन किया।

गोरखपुर महोत्सव से कलाकारों, शिल्पकारों को मिल रहा बड़ा प्लेटफार्म: कमलेश पासवान

इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में हो रहे गोरखपुर महोत्सव से शिल्पकारों व कलाकारों को साल दर साल आगे बढ़ने का बड़ा प्लेटफार्म मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव में स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर मिल रहा है तो देश और दुनिया स्तर तक ख्यातिलब्ध कलाकार भी गोरखपुर आकर प्रस्तुति दे रहे हैं। यह सब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संभव हो रहा है।

यूपी में अपराध खत्म, आया रामराज्य: रविकिशन

गोरखपुर महोत्सव के समापन समारोह में सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में रामराज्य आ गया है। यहां अपराध खत्म और अपराधी ध्वस्त हो गए हैं। यहां महिलाओं, व्यापारियों, रेहड़ी पटरी वालों की सुरक्षा है और यह राज्य विकास, रोजगार, संस्कृति संरक्षण और सम्मान के साथ यह चल रहा है।

योगी जी सनातन और हिंदुत्व के संरक्षक हैं। सांसद ने गोरखपुर महोत्सव के व्यापक स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि सीएम योगी के विजन से गोरखपुर महोत्सव सिर्फ सांस्कृतिक आयोजन न होकर कलाकारों, शिल्पकारों के लिए रोजगार महोत्सव बन गया है।

स्वागत संबोधन में मंडलायुक्त एवं महोत्सव समिति के अध्यक्ष अनिल ढींगरा ने आयोजन के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, राजेश त्रिपाठी, डॉ. विमलेश पासवान, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा के महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास आदि भी मंच पर उपस्थित रहे।

सीएम ने उठाया मैथिली ठाकुर वाडकर के गाए सुमधुर भजनों का आनंद

गोरखपुर महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक एवं भजन गायिका, विधायक मैथिली ठाकुर के गाए सुमधुर भजनों का आनंद उठाया। भजन सुनने के लिए मुख्यमंत्री मुख्य मंच से उतरकर सामने लगी कुर्सियों की तरफ आ गए थे। मैथिली ठाकुर ने भजन संध्या में अपनी प्रस्तुतियों की शुरुआत ‘ले चल अपनी नवरिया अवध बिहारी संवरिया’ से की। भजन सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने मंच पर जाकर मैथिली ठाकुर को सम्मानित भी किया।

 सीएम योगी ने महोत्सव में स्टालों का किया अवलोकन

सीएम योगी ने महोत्सव परिसर में लगी प्रदर्शनियों व विभिन्न विभागों की तरफ से लगाए गए स्टालों का भी अवलोकन किया। उन्होंने कृषि प्रदर्शनी में प्रगतिशील किसानों और पुस्तक मेले में बच्चों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए मॉडलों का अवलोकन कर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने सूचना विभाग और अभिलेखागार की तरफ से लगाई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

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