लोकतंत्र में स्वस्थ आलोचना का स्वागत है, किंतु झूठ, भ्रम और उकसावे पर आधारित राजनीति से देश को नुकसान पहुंचता है : उपेंद्र सिंह

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उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सजग रहकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें और विकास, स्थिरता तथा सामाजिक समरसता के पक्ष में खड़े हों।

नई दिल्ली, संजय सिंह। अखिल भारतीय जाटव समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता उपेंद्र सिंह ने देशवासियों से आह्वान किया है कि वे केंद्र की भारत सरकार और उत्तर प्रदेश की उत्तर प्रदेश सरकार को अस्थिर करने के कथित प्रयासों के प्रति सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हटाने के लिए रचे जा रहे किसी भी विदेशी अथवा देशी षड्यंत्र को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

उपेंद्र सिंह ने एक बयान में आरोप लगाया कि हाल ही में संसद में उत्पन्न व्यवधान और हंगामे योजनाबद्ध रणनीति का हिस्सा थे, जिनका उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना और शासन व्यवस्था को कमजोर करना है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों द्वारा प्रायोजित कथित दुष्प्रचार के माध्यम से आम जनता, विशेषकर गरीबों, मजदूरों और किसानों को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने टैरिफ समझौतों को लेकर फैलाए जा रहे “भ्रामक नैरेटिव” पर भी चिंता जताई और कहा कि अंतरराष्ट्रीय समझौतों को लेकर जानबूझकर गलत सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में होने वाले सभी वैश्विक समझौते देश के दीर्घकालिक आर्थिक हितों, आत्मनिर्भरता और घरेलू उद्योगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर किए जाते हैं।

वरिष्ठ नेता ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के विरुद्ध सुनियोजित तरीके से अभियान चलाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठे आंदोलनों और अभियानों की श्रृंखला के माध्यम से न केवल सरकार का विरोध किया जा रहा है, बल्कि भारत की संप्रभुता, सांस्कृतिक पहचान और राजनीतिक स्थिरता को भी निशाना बनाया जा रहा है।

उपेंद्र सिंह ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में हुए आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान व्यापक स्तर पर भ्रम फैलाया गया, जबकि समय के साथ अनेक आशंकाएं निराधार सिद्ध हुईं। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब तथ्यों और दुष्प्रचार के बीच अंतर समझने लगी है।

उन्होंने विपक्ष के कुछ दलों पर विदेशी शक्तियों से निकटता और वैचारिक समझौतों के आरोप भी लगाए तथा कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए। उनके अनुसार, “भारत एक सशक्त, आत्मविश्वासी और जागरूक राष्ट्र है और आगे भी रहेगा। किसी भी प्रकार की अराजक या षड्यंत्रकारी राजनीति को देश की जनता सफल नहीं होने देगी।”

अपने वक्तव्य के अंत में उपेंद्र सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में स्वस्थ आलोचना का स्वागत है, किंतु झूठ, भ्रम और उकसावे पर आधारित राजनीति से देश को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सजग रहकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें और विकास, स्थिरता तथा सामाजिक समरसता के पक्ष में खड़े हों।

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