उत्तर प्रदेश में जल्द लागू होगी नई आयुष नीति, बनेगा प्रदेश आयुष हब

Saiadmin

लखनऊ। प्रदेश की अपनी आयुष नीति जल्द ही जारी होगी। आयुष विभाग इस पर मंथन कर रहा है।नीति में खासतौर से प्रदेश को आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी विधाओं में चिकित्सा के साथ ही शोध का हब बनाना और आयुष उद्योग के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है।

आयुष राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्यमंत्री डा़ दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’ ने आयुष नीति के ड्राफ्ट पर अधिकारियों के साथ समीक्षा की।

आयुष मंत्री ने बताया कि बताया कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 में आयुष मंत्रालय बनाया था। इसके बाद केंद्रीय आयुष नीति भी जारी की गई, लेकिन प्रदेश में अपनी नीति नहीं बनी थी।

अब आयुष नीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आयुष नीति में सार्वजनिक निजी सहभागिता (पीपीपी) पर अस्पतालों का संचालन, आयुष दवाओं के निर्माण के लिए फार्मा कंपनियों के लिए उचित अवसर उपलब्ध कराने के लिए विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

इसे जल्द ही तैयार करके मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। मंत्री ने बताया कि भविष्य में आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी मेडिकल कालेज अलग-अलग नहीं बनेंगे। अब एक ही परिसर में तीनों पद्धतियों की पढ़ाई, इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

एकीकृत आयुष मेडिकल कालेजों के लिए मीरजापुर, बस्ती में जमीन की तलाश की जा रही है। इसके अलावा अस्पतालों को उनकी मांग के अनुसार दवाएं भी उपलब्ध कराने के लिए समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए। बैठक में प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार, निदेशक आयुर्वेद चैत्रा वी. भी मौजूद थीं।

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