वनभूलपुरा रेलवे भूमि विवाद में इंतजार बढ़ा, SC 10 को करेगा सुनवाई; CJI के पास केस

Saiadmin

हल्द्वानी में रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जे को हटाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है। सुप्रीम कोर्ट अगली सुनवाई 10 दिसंबर को करेगा। रेलवे की तरफ से कहा गया कि हमें ट्रैक बनाना है, इसलिए जल्द सुनवाई की जाए। ये मामला करीब 50 हजार की आबादी से जुड़ा है। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा रखी है। पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड प्रशासन से पूछा था कि राज्य सरकार के पास इन बस्तियों में रहने वाले लोगों को दूसरी जगह बसाने के लिए क्या मास्टर प्लान है?

दरअसल, उत्तराखंड के हल्द्वानी में रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा हटाने वाली दाखिल याचिका पर सुनवाई मंगलवार को सुनवाई होनी थी। सुनवाई से पूर्व संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। बनभूलपुरा में रेलवे की 30 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने की उम्मीद थी। लेकिन किन्हीं कारणों फिलहाल 10 दिसंबर तक तारीख बढ़ा दी गई है।

जानकारी के मुताबिक, रेलवे प्रशासन और नैनीताल प्रशासन की नाक के नीचे बनभूलपुरा में रेलवे भूमि पर हजारों अवैध निर्माण कर दिए गए। इसको लेकर पूर्व में काफी बवाल हो चुका है। मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा और अब 10 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। सुप्रीम कोर्ट से अगले सप्ताह इस मामले में फैसला आ सकता है।

29 एकड़ जमीन पर करीब 4365 अतिक्रमण

रेलवे के अनुसार बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के किनारे लगभग 29 एकड़ जमीन पर करीब 4365 अतिक्रमण किए गए। यह मामला लंबे समय से अदालत में लंबित है और अब सुप्रीम कोर्ट की तरफ से आज ने वाले फैसले से ही आगे की दिशा तय होगी। इसको देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

अवैध कॉलोनी से पुनर्वास को लेकर स्थानीय मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग चिंता जाहिर कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर फैसला उनके अनुकूल न आया तो वे कहां जाएंगे। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि पुनर्वास की योजना पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। अब सबकी नजरें आज सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं, जो इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।

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