Weight Gain – वात और पित्त प्रकृति में वजन क्यों नहीं बढ़ता

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मीना अग्रवाल
नेचुरोपैथी

Weight Gain – वात और पित्त प्रकृति में वजन क्यों नहीं बढ़ता –

हर व्यक्ति की शरीर प्रकृति अलग होती है। कुछ लोगों की प्रकृति वात और पित्त प्रधान होती है।

ऐसे लोगों में अक्सर एक समस्या देखी जाती है कि वे कितना भी अच्छा खाना खाएं, फिर भी उनका वजन आसानी से नहीं बढ़ता।

इसका मुख्य कारण कम भूख और कमजोर पाचन अग्नि है। जब पाचन शक्ति बहुत मजबूत नहीं होती, तो शरीर भोजन से मिलने वाले पोषक तत्वों को पूरी तरह से अवशोषित नहीं कर पाता। परिणामस्वरूप शरीर में कमजोरी, दुबलापन और ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है।

अगर पाचन शक्ति को मजबूत किया जाए और शरीर को सही पोषण दिया जाए, तो धीरे-धीरे वजन भी बढ़ सकता है और शरीर की ताकत भी बेहतर हो सकती है। इसके लिए कुछ सरल आहार और उपाय बताए गए हैं।

1. भोजन से पहले अदरक और सेंधा नमक

वजन बढ़ाने और पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए सबसे आसान उपाय है ।अदरक और सेंधा नमक का सेवन।

इसके लिए ताजा अदरक का एक छोटा टुकड़ा लें और उस पर एक चुटकी सेंधा नमक लगाएं। इसे भोजन से लगभग 15–20 मिनट पहले धीरे-धीरे चबाकर खाएं।

अदरक पाचन अग्नि को सक्रिय करता है और सेंधा नमक पाचन रसों को उत्तेजित करता है। इससे भूख खुलती है और भोजन का पाचन बेहतर होता है। जब भोजन सही तरह से पचता है, तभी शरीर को उससे पोषण मिलता है और वजन बढ़ने की प्रक्रिया शुरू होती है।

2. सौंफ और धनिया की हर्बल चाय

वात और पित्त प्रकृति वालों के लिए सौंफ और धनिया की चाय बहुत उपयोगी मानी जाती है।

आप बराबर मात्रा में सौंफ और धनिया लें। इसमें से लगभग आधा चम्मच मिश्रण लेकर रात में एक गिलास पानी में भिगो दें। सुबह इस पानी को छानकर पी सकते हैं। चाहें तो दिन में इन्हें उबालकर चाय की तरह भी पी सकते हैं।

यह मिश्रण पेट की जलन को शांत करता है, गैस को कम करता है और आंतों में जमा आम (टॉक्सिन) को हटाने में मदद करता है। इससे पाचन बेहतर होता है, भूख बढ़ती है और शरीर को पोषण मिलने लगता है।

3. इमली का पाचन बढ़ाने वाला पानी

इमली से बना पेय भी पाचन शक्ति को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

इसके लिए थोड़ी सी इमली को पानी में भिगोकर उसका पानी तैयार करें। इसमें थोड़ा सा चीनी, चुटकी भर काली मिर्च पाउडर और थोड़ा सा लौंग पाउडर मिलाया जा सकता है।

यह पेय पाचन अग्नि को सक्रिय करता है और हल्का रेचक प्रभाव भी देता है, जिससे कब्ज की समस्या में राहत मिल सकती है। जब कब्ज और अपच कम होते हैं, तो शरीर भोजन से मिलने वाले पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से उपयोग कर पाता है।

4. वजन बढ़ाने वाले अनाज

कुछ अनाज शरीर को स्थिरता और ऊर्जा देते हैं, जो वजन बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं।

इसमें बासमती चावल, गेहूं और दही के साथ बने भोजन शामिल किए जा सकते हैं। ये शरीर को ऊर्जा देते हैं और धीरे-धीरे शरीर के पोषण में मदद करते हैं।

5. डेयरी उत्पाद जो वजन बढ़ाने में सहायक

डेयरी उत्पाद भी वजन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

फुल-फैट दूध, गाय का घी, पनीर और मक्खन जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को ऊर्जा और पोषण प्रदान करते हैं।
दूध को पूर्ण आहार माना गया हैक्योंकि यह शरीर की धातुओं को पोषण देने में सहायक माना जाता है।

6. फल जो वजन बढ़ाने में मदद करते हैं

कुछ फल विशेष रूप से वजन बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं। इनमें पका हुआ केला, पका हुआ आम, खजूर और चीकू शामिल हैं।

ये फल शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देते हैं और वात तथा पित्त दोनों को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं।

7. दालें और ड्राई फ्रूट्स

दालों में मूंग दाल हल्की और पचने में आसान होती है। वहीं उड़द दाल को शरीर की मांसपेशियों को पोषण देने वाली दाल माना जाता है।

8. ड्राई फ्रूट्स में भीगे हुए बादाम, अखरोट और किशमिश शरीर को ताकत देने में सहायक हो सकते हैं।

9. घी का महत्व

घी को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। यह वात के रूखेपन को कम करता है और पित्त की अधिकता से होने वाली जलन को शांत करने में मदद करता है।

घी आंतों के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है, जिससे भोजन के पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर हो सकता है। इसलिए दाल-सब्जी में घी डालना, रोटी पर घी लगाना या कभी-कभी गर्म दूध में थोड़ा घी मिलाकर लेना लाभकारी हो सकता है।

10. जड़ी-बूटियां

यदि कोई व्यक्ति औषधियों का उपयोग करना चाहता है, तो अश्वगंधा और शतावरी उपयोगी मानी जाती हैं।

अश्वगंधा शरीर की ताकत बढ़ाने और मांसपेशियों को मजबूत करने में सहायक मानी जाती है। वहीं शतावरी शरीर को पोषण देने वाली जड़ी-बूटी मानी जाती है।
इन दोनों का आधा चम्मच चूर्ण दूध के साथ लिया जा सकता है।
इसके अलावा मुलेठी भी पाचन तंत्र की श्लेष्मा परत की रक्षा करने में सहायक मानी जाती है, जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर हो सकता है।

11. वजन बढ़ाने वाला पौष्टिक शेक
वजन बढ़ाने के लिए एक सरल पौष्टिक शेक भी लिया जा सकता है।

इसके लिए 2 पके केले, 3–4 भीगे हुए खजूर और एक गिलास दूध लें। इसमें चुटकी भर इलायची डालकर ब्लेंड कर लें।
यह शेक शरीर को ऊर्जा देता है और वजन बढ़ाने में सहायक हो सकता है।

12. शतावरी घृत का उपयोग

जो लोग शतावरी को दूध के साथ नहीं लेना चाहते, वे शतावरी घृत का उपयोग कर सकते हैं। इसे शतावरी को घी में पकाकर तैयार किया जाता है।
सुबह खाली पेट एक चम्मच शतावरी घृत गुनगुने दूध के साथ लिया जा सकता है। यह शरीर को पोषण देने और वजन बढ़ाने में सहायक माना जाता है।

नियमितता से मिल सकता है लाभ
यदि इन आहार और उपायों को नियमित रूप से अपनाया जाए, तो कुछ हफ्तों में शरीर में ऊर्जा और ताकत महसूस हो सकती है। साथ ही धीरे-धीरे वजन बढ़ने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।

हालांकि यदि किसी व्यक्ति को कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो तो किसी भी औषधि का उपयोग करने से पहले विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेना बेहतर होता है।

Health is wealth

मीना अग्रवाल
आगरा

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