गाजियाबाद मामला: HC ने गैंग चार्ट और चार्जशीट को मान्यता दी, याचिका खारिज

Saiadmin

प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि गैंगस्टर एक्ट के प्रावधान एक मामले में भी लागू किए जा सकते हैं. रूल 22 के अनुसार अपराध का इतिहास अनिवार्य नहीं है. शर्त यह है कि प्राधिकारी ने संतुष्टि के बाद आदेश किया हो.

यह टिप्पणी न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने गाजियाबाद निवासी ज्योति सिंह की याचिका खारिज करते हुए की है. याची ने बीएनएसएस की धारा 528 के तहत सज्जन सूरी व अन्य के खिलाफ दर्ज केस की पूरी प्रक्रिया, चार्जशीट और संज्ञान आदेश रद्द करने की मांग की थी. उनके खिलाफ सिहानी गेट थाने में 23 सितंबर 2024 को गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. इससे पहले 21 सितंबर 2024 को गैंग चार्ट तैयार किया गया था, जिसमें आरोपी को एक मामले में शामिल दिखाया गया था. उसकी ओर से कहा गया कि गैंग चार्ट में केवल एक मामले का उल्लेख है और उसमें भी जमानत मिली है.

इतना ही नहीं रूल 5(3)(ए) का पालन नहीं किया गया है क्योंकि कोई संयुक्त बैठक नहीं हुई है. गैंग चार्ट को मूल मामले की जांच पूरी हुए बिना मंजूरी नहीं दी जा सकती थी. राज्य सरकार और पीड़ित के वकील ने कहा कि गैंग चार्ट संयुक्त बैठक में तैयार किया गया था और संबंधित अधिकारियों ने उचित चर्चा के बाद उसे मंजूर किया था.

गैंग चार्ट 21 सितंबर 2024 को पुलिस कमिश्नर ने मंजूर किया था इसलिए इसमें कोई अवैधता या अनियमितता नहीं है. यह मूल मामले की जांच पूरी होने के बाद मंजूर किया गया था. आधार मामले की जांच 20 सितंबर 2024 को पूरी हुई थी और यह तथ्य गैंग चार्ट में है। कोर्ट ने कहा कि गैंगस्टर एक्ट और रूल्स के प्रावधानों का उल्लंघन नहीं हुआ है. रूल 10(1) के अनुसार चार्जशीट की प्रमाणित प्रति की आवश्यकता नहीं है, बल्कि जांच अधिकारी द्वारा तैयार चार्जशीट संलग्न करनी होती है. इस मामले में जांच अधिकारी ने 20 सितंबर 2024 को चार्जशीट तैयार की थी और गैंग चार्ट 21 सितंबर 2024 को तैयार किया गया था और यह रूल 5(3)(सी) का पालन माना जाना चाहिए.

इसके अलावा नियमों में यह नहीं कहा गया है कि चार्जशीट की प्रमाणित कॉपी कोर्ट द्वारा जारी की जानी चाहिए बल्कि यह कहा गया है कि चार्जशीट की प्रति संलग्न होनी चाहिए. कोर्ट ने शरद गुप्ता मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि गैंगस्टर एक्ट की परिभाषा में एक या अधिक व्यक्ति शामिल हो सकते हैं जो अपराध करते हैं और इसका उद्देश्य अनुचित लाभ कमाना होता है.

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