अयोध्या। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं का आगाज़ जनपद में कड़े सुरक्षा इंतज़ामों के बीच हो गया। करीब 75 हजार परीक्षार्थी इस बार परीक्षा में भाग ले रहे हैं, जो 12 मार्च तक विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी।
इस बार प्रशासन ने परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए अभूतपूर्व सतर्कता बरती है। जिले में 115 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 16 केंद्र संवेदनशील और 5 को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है, जहां अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है।
हर परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है, जबकि ब्लॉक स्तर पर सेक्टर मजिस्ट्रेट निगरानी कर रहे हैं। पांच जोनल मजिस्ट्रेट पूरे जनपद की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसके अलावा पांच उड़न दस्ते लगातार औचक निरीक्षण में जुटे हैं। निदेशालय स्तर से भी दो पर्यवेक्षक भेजे गए हैं, जो व्यवस्थाओं पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
तकनीकी निगरानी को मजबूत बनाने के लिए सभी केंद्रों पर ऑनलाइन सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर और वॉइस रिकॉर्डिंग सिस्टम सक्रिय हैं। कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रत्येक कक्ष में दो कक्ष निरीक्षक तैनात हैं, जिनमें एक बाहरी शिक्षक अनिवार्य रूप से शामिल है। प्रश्नपत्रों की सील सुरक्षा घेरे में खोली गई और उत्तर पुस्तिकाएं पहले से ही केंद्रों तक पहुंचा दी गई थीं।
पहले दिन हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। परीक्षा देकर निकले छात्रों ने प्रश्नपत्र को संतुलित और आसान बताया। केंद्रों के बाहर सुबह से अभिभावकों की भी भीड़ देखी गई। कुछ चेहरों पर घबराहट थी तो कई विद्यार्थियों में आत्मविश्वास भी झलक रहा था।
जिला प्रशासन का कहना है कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और अनुशासन के साथ संपन्न कराई जाएगी। सख्त निगरानी और व्यापक इंतज़ामों के बीच इस बार की बोर्ड परीक्षा को व्यवस्था और नियंत्रण के लिहाज़ से अहम माना जा रहा है।
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