अयोध्या। शिक्षा क्षेत्र रूदौली के कंपोजिट स्कूल गनौली में शिक्षकों ने लगातार दूसरे दिन काली पट्टी बांधकर कक्षाएं संचालित कीं। यह विरोध शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर लागू किए जाने के विरोध में किया जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि सेवा में आने के वर्षों बाद नियमों में बदलाव करना न्यायसंगत नहीं है।
प्रधानाध्यापक अकील अहमद ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा बनाए गए प्रावधानों में उन शिक्षकों को भी शामिल कर लिया गया है, जिनकी नियुक्ति दशकों पूर्व हो चुकी है। उनका तर्क है कि नियुक्ति के समय जो शर्तें लागू थीं, वही मान्य होनी चाहिए। किसी भी प्रक्रिया के नियम बीच में नहीं बदले जा सकते, उन्होंने कहा।
शिक्षकों ने इसे अपने अधिकारों से जुड़ा विषय बताते हुए शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराया। उनका कहना है कि वे शिक्षण कार्य बाधित किए बिना अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। इस क्रम में शिक्षकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि अधिनियम से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त करने के लिए आवश्यक संशोधन किया जाए।
यह विरोध उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर किया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशचंद्र शर्मा और प्रांतीय ऑडिटर नीलमणि त्रिपाठी के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में रूदौली के तहसील प्रभारी अमरेंद्र प्रताप सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष अविनाश पांडे, मंत्री सतेंद्र पाल सिंह और कोषाध्यक्ष मोहम्मद गयास समेत कई शिक्षक शामिल हैं।
शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह प्रतीकात्मक विरोध जारी रहेगा।
काली पट्टी में क्लास, नियमों के खिलाफ शिक्षकों का शांत विरोध
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