हर क्षेत्र में चमकती: महिला दिवस की नायिकाएं

Saiadmin

१) नृत्य साधना की शिखर नर्तकी: राधा मारार

​एक परिचय:
राधा मारार भारतीय शास्त्रीय नृत्य जगत का एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने मोहिनीअट्टम और भरतनाट्यम की सुचिता को वैश्विक पहचान दिलाई है। केरल कलामंडलम से शिक्षित राधा जी पिछले 40 वर्षों से दिल्ली को अपनी कर्मभूमि बनाकर हज़ारों शिष्यों का भविष्य संवार रही हैं।

​उपलब्धियां और योगदान:
​वैश्विक पहचान: वर्ष 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स के उद्घाटन समारोह में उन्होंने मोहिनीअट्टम की मुख्य कोरियोग्राफर के रूप में भारत का गौरव बढ़ाया।
​कला माधुरी: अपने पति और विख्यात कलाकार श्री पी.पी. मारार के साथ मिलकर ‘कला माधुरी’ संस्था की स्थापना की, जो शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण का केंद्र है।
​प्रतिष्ठित सम्मान: केरल संगीत नाटक अकादमी द्वारा उन्हें ‘कलाश्री’ और वर्ष 2013 में ऐतिहासिक ‘प्रथम प्रवासी कलाश्री’ अवार्ड से सम्मानित किया गया।
​दूरदर्शन कलाकार: वे दूरदर्शन की ‘A-Grade’ कलाकार रही हैं और नेशनल बाल श्री अवार्ड जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए निर्णायक मंडल (Jury) की सदस्य भी हैं।
​जीवन का मूलमंत्र:
​राधा मारार का मानना है कि नृत्य केवल एक कला नहीं, बल्कि आत्मा का परमात्मा से मिलन है। उनकी यात्रा हमें सिखाती है कि समर्पण और परंपरा के प्रति निष्ठा ही असली सफलता की नींव है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *