न्यूयॉर्क: ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के बारे में एक बड़ी खबर सामने आयी है. न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मोजतबा खामेनेई को तेहरान के एक हॉस्पिटल के मलबे से उस समय ‘बाहर निकाला गया’ जब अमेरिका और इजराइल ने उस अस्पताल को कथित रूप से निशाना बनाया. मोजतबा खामेनेई को पहले हुए हमलों के बाद उस अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
समाचार रिपोर्ट के अनुसार ईरान की विशेषज्ञों की सभा के सदस्य मोहसेन हैदरी ने गुरुवार (स्थानीय समय) को कतरी टेलीविजन नेटवर्क अल अरबी के साथ एक साक्षात्कार में यह रहस्योद्घाटन किया. न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार हैदरी ने कहा, ‘घायल होने और अस्पताल ले जाने के बाद भी तेहरान के तीन अस्पतालों पर बमबारी की गई.’
उन्होंने कहा, ‘मोजतबा खामेनेई तीसरे हॉस्पिटल में थे और उन्हें मलबे से निकाला गया.’ न्यूयॉर्क पोस्ट ने बताया कि 56 साल के मोजतबा खामेनेई इसके बाद किसी अनजान जगह पर गायब हो गए और तब से उन्हें न तो पब्लिक में देखा गया है और न ही उनके बारे में कोई खबर है.
न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक हैदरी ने उस प्रोसेस के बारे में भी बात की जिसके जरिए 8 मार्च को मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया था. उन्होंने कहा कि मोजतबा खामेनेई को शायद तब तक पता नहीं था कि उन्हें चुना गया है जब तक कि ईरानी सरकारी टेलीविजन पर इसका प्रसारण नहीं हो गया.
ईरान के सुप्रीम लीडर को चुनने के लिए बनी असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स को भी कथित तौर पर हमलों के दौरान निशाना बनाया गया. न्यूयॉर्क पोस्ट ने बताया कि इसके कोम सेक्रेटेरिएट पर बमबारी की गई, जिसमें आठ लोग मारे गए और नए सुप्रीम लीडर के चुनाव से जुड़ी रिपोर्ट और सिफारिशें नष्ट हो गई.
हैदरी ने कहा कि असेंबली के सदस्यों ने बाद में अपने वोट कागज पर लिखे, जिसके बाद उन्हें सिलेक्शन प्रोसेस के लिए एक सीक्रेट रूम में बुलाया गया. उन्होंने याद किया कि मोजतबा खामेनेई का नाम सुझाने वाले वे पहले सदस्य थे. न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, हैदरी ने याद करते हुए कहा, ‘दुश्मन की स्थिति को देखते हुए हम अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के अलावा किसी और को इस्लामिक रिपब्लिक का लीडर और सुप्रीम गाइड नहीं चुनेंगे.’
उन्होंने कहा, ‘हमें जानकारी मिली कि मोजतबा खामेनेई स्वस्थ हैं और नेतृत्व कर सकते हैं, और हमने तय किया कि वह देश को मैनेज करने के लिए धार्मिक क्वालिफिकेशन, जस्टिस और काबिलियत की जरूरतों को पूरा करते हैं.’ न्यूयॉर्क पोस्ट ने बताया कि मीटिंग के दौरान मोजतबा खामेनेई को 59 में से 50 वोट मिले, जबकि आठ मेंबर्स ने अयातुल्ला अलीरेजा अराफी के लिए वोट किया और एक मेंबर ने वोट नहीं दिया.
हैदरी ने मोजतबा खामेनेई को ‘मैन ऑफ द शैडो’ भी कहा और कहा कि सुप्रीम लीडर बनने से पहले उन्होंने ईरानी देश में कोई पॉलिटिकल पोजीशन नहीं संभाली थी, हालांकि कहा जाता है कि उन्होंने अपने पिता के एडवाइजर के तौर पर काम किया था.
न्यूयॉर्क पोस्ट ने यह भी बताया कि पहले हुए हमलों के बाद मोजतबा खामेनेई की हालत को लेकर अटकलें जारी थी. अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स में कथित तौर पर कहा गया था कि हमलों में उनका चेहरा बुरी तरह खराब हो गया था. पिछले महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्हें लगता है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई अभी भी ज़िंदा हैं, हालांकि चल रहे मिलिट्री ऑपरेशन्स के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं, क्योंकि ईरानी लीडर के दिखने को लेकर रहस्य बना हुआ है.
अमेरिकी टिप्पणीकार ग्लेन बेक के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने महीनों तक पब्लिक में न रहने के बाद खामेनेई की किस्मत के बारे में फैली अटकलों पर बात की. ट्रंप ने बेक से कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि वह मर गए हैं. वह बहुत बुरी तरह घायल थे. उनके शरीर का बायां हिस्सा, हाथ, पैर, पूरा शरीर.’
इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इस हफ़्ते फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि मोजतबा खामेनेई पूरी तरह ठीक हैं. पेजेशकियन ने स्पेशल रिपोर्ट के होस्ट ब्रेट बैयर से कहा, ‘हम करीब सात घंटे मिले.’ उन्होंने पिछले महीने दो ईरानी नेताओं के बीच हुई मीटिंग का जिक्र किया. हमने बातचीत की.
