ट्रंप ने शुल्क घटाकर बीफ आयात कोटा तीन लाख टन तक बढ़ाया, ‘पहले आओ-पहले पाओ’ पर मिलेगा कोटा

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वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कम टैरिफ वाले ‘लीन बीफ ट्रिमिंग्स’ (बिना चर्बी वाले बीफ के टुकड़े) के आयात को अस्थायी रूप से 3,00,000 मीट्रिक टन तक बढ़ा दिया है. इसका मकसद घरेलू स्तर पर मवेशियों की घटती संख्या के बीच ‘ग्राउंड बीफ’ की सप्लाई बढ़ाना और अमेरिकी ग्राहकों के लिए कीमतें कम करना है.

1 सितंबर से शुरू होने वाले 90 दिनों के लिए अतिरिक्त इंपोर्ट कम ‘इन-कोटा टैरिफ रेट’ पर अमेरिका में आएंगे. इस कोटे को 1,00,000 मीट्रिक टन के तीन हिस्सों में बांटा जाएगा और इन्हें ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर आवंटित किया जाएगा.

पहला हिस्सा 1 सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगा. दूसरा हिस्सा 1 अक्टूबर को खुलेगा और 30 अक्टूबर को बंद होगा. आखिरी हिस्सा 31 अक्टूबर को शुरू होगा और तब तक उपलब्ध रहेगा जब तक कोटा पूरा न हो जाए या 30 नवंबर तक—इनमें से जो भी पहले हो.

यह नियम सिर्फ लीन बीफ ट्रिमिंग्स (बिना चर्बी वाले बीफ़ के टुकड़ों) पर लागू होता है, जिनका इस्तेमाल अमेरिकन बीफ के साथ मिलाकर ग्राउंड बीफ बनाने में किया जाता है. बुधवार (स्थानीय समय) को जारी व्हाइट हाउस की एक फैक्ट शीट के अनुसार इससे उन देशों के साथ किए गए समझौतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, जिनका अमेरिका के साथ फ़्री ट्रेड एग्रीमेंट है या जिनके पास देश-विशेष बीफ कोटा है.

ट्रंप ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, बीमारी और बाजार में बड़ी रुकावटों के कारण, उचित कीमतों पर मांग पूरी करने के लिए घरेलू सप्लाई काफी नहीं होगी. ट्रंप ने घोषणा में कहा, ‘अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर मेरी यह जिम्मेदारी है कि मैं यह सुनिश्चित करूँ कि मेहनती अमेरिकी अपने और अपने परिवार के लिए भोजन का इंतजाम कर सकें.’

प्रशासन ने कहा कि इस अस्थायी कोटे से अमेरिका में बीफ की अनुमानित सप्लाई में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है. उसका तर्क था कि आयात मुख्य रूप से ‘कल काउज’ (बूढ़ी या कम उत्पादक गायों) के बाजार के साथ मुकाबला करेगा और ‘फेड कैटल’ (विशेष आहार पर पाले गए मवेशियों) के बाजार पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा.

कृषि सचिव और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को यह निगरानी करने का निर्देश दिया गया है कि क्या बढ़े हुए कोटे के तहत आने वाला बीफ, लीन बीफ ट्रिमिंग्स की मौजूदा बाजार कीमत से 25 प्रतिशत कम कीमत पर बेचा जा रहा है. ट्रंप ने कहा, ‘अगर इस घोषणा के तहत की गई कार्रवाई से आयातित ग्राउंड बीफ की बिक्री कीमत कम नहीं होती है, तो मैं इस कार्रवाई को खत्म कर सकता हूँ, ताकि विदेशी उत्पादकों को होने वाले अप्रत्याशित लाभ को रोका जा सके.’

व्हाइट हाउस ने अमेरिकी बीफ उत्पादन में कमी के कारणों में से एक कारण मैक्सिको से जीवित मवेशियों के आयात पर लगी पाबंदियों को बताया, जो ‘न्यू वर्ल्ड स्क्रूवर्म’ को फैलने से रोकने के लिए लगाई गई थी. साथ ही मवेशी पालने वाले इलाकों में सूखे, जंगल की आग और चारे की कम उपलब्धता का भी जिक्र किया गया.

प्रशासन ने कहा कि मैक्सिकन पशुओं के लिए दक्षिणी बंदरगाहों के बंद होने से लाखों मीट्रिक टन बीफ का नुकसान हुआ, जिसका उत्पादन अमेरिका में हो सकता था. कुछ बंदरगाह अभी भी बंद हैं क्योंकि अधिकारी कीट से बचाव के साथ-साथ उन्हें चरणबद्ध तरीके से फिर से खोलने की कोशिश कर रहे हैं.

अमेरिकी कृषि विभाग को उम्मीद है कि घरेलू बीफ उत्पादन 2025 के स्तर से लगभग 4 प्रतिशत कम हो जाएगा. प्रशासन ने कहा कि अमेरिकी मवेशियों की संख्या 75 वर्षों में अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई थी, हालांकि विभाग के आंकड़ों से पता चला है कि जुलाई में मवेशियों की संख्या में शुरुआती बढ़ोतरी देखी गई.

व्हाइट हाउस ने किसानों पर उत्पादन की अधिक लागत का बोझ डालने के लिए बाइडेन प्रशासन की नीतियों और महंगाई को जिम्मेदार ठहराया. उसने कहा कि पशुपालक अब अधिक संख्या में बछिया (युवा मादा मवेशी) को अपने पास रख रहे हैं और 2018 के बाद पहली बार अमेरिका में मवेशियों की कुल संख्या बढ़ रही है. ट्रंप ने पहले फरवरी में अर्जेंटीना से आने वाले लीन बीफ ट्रिमिंग्स के लिए 2026 के कोटे में 80,000 मीट्रिक टन की बढ़ोतरी की थी.

बुधवार को जारी घोषणा में उस आवंटन को वैसा ही रखा गया है और 3,00,000 मीट्रिक टन का नया कोटा दूसरे योग्य देशों और क्षेत्रों को दिया गया है. यह कदम ‘उरुग्वे राउंड एग्रीमेंट्स एक्ट’ के तहत उठाया गया है. यह कानून राष्ट्रपति को अधिकार देता है कि वे किसी कृषि उत्पाद की उस मात्रा को अस्थायी रूप से बढ़ा सकें जिस पर ‘इन-कोटा टैरिफ’ लागू होता है.

ऐसा तब किया जा सकता है जब प्राकृतिक आपदा, बीमारी या राष्ट्रीय बाजार में बड़ी गड़बड़ी के कारण घरेलू आपूर्ति कम हो जाए. मात्रा के हिसाब से अमेरिका दुनिया में बीफ का सबसे बड़ा उपभोक्ता है और प्रति व्यक्ति खपत के मामले में दूसरे स्थान पर है.

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